Complete Machine Learning Course for Beginners | Part 1- Foundation | Sheryians AI School
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Summary
यह वीडियो मशीन लर्निंग श्रृंखला का पहला भाग है, जिसमें मशीन लर्निंग के मूल सिद्धांतों, AI, ML और डीप लर्निंग के बीच अंतर, विभिन्न प्रकार की मशीन लर्निंग (सुपरवाइज्ड, अनसुपरवाइज्ड, रीइन्फोर्समेंट) और वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों को समझाया गया है, साथ ही डेटा को मॉडल बनाने के लिए तैयार करने हेतु एक्सप्लोरेटरी डेटा एनालिसिस (EDA), डेटा क्लीनिंग, डेटा प्री-प्रोसेसिंग, फीचर इंजीनियरिंग और फीचर सिलेक्शन जैसे महत्वपूर्ण प्रारंभिक चरणों का कोड के साथ विस्तृत प्रदर्शन किया गया है।
Key Points
- —पारंपरिक प्रोग्रामिंग के विपरीत, मशीन लर्निंग डेटा और परिणामों से पैटर्न सीखकर नियम या मॉडल बनाती है, जिससे स्वचालित भविष्यवाणी संभव होती है।
- —मशीन लर्निंग श्रृंखला का यह पहला भाग मशीन लर्निंग के मूल सिद्धांतों और AI, ML तथा डीप लर्निंग के बीच के अंतर को समझाता है।
- —मशीन लर्निंग कंप्यूटर को डेटा से सीखने के लिए प्रशिक्षित करने के बारे में है, जैसे मनुष्य अनुभव से सीखते हैं, और इसके कई वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोग हैं जैसे नेटफ्लिक्स सिफारिशें और जीमेल स्पैम डिटेक्शन।
- —मशीन लर्निंग के तीन मुख्य प्रकार हैं: सुपरवाइज्ड लर्निंग (लेबल किए गए डेटा से भविष्यवाणी करना), अनसुपरवाइज्ड लर्निंग (डेटा में पैटर्न खोजना), और रीइन्फोर्समेंट लर्निंग (परीक्षण और त्रुटि के माध्यम से सीखना)।
- —एक्सप्लोरेटरी डेटा एनालिसिस (EDA) डेटा को समझने, पैटर्न खोजने, विसंगतियों (जैसे नल मान या आउटलायर्स) को पहचानने और डेटा विज़ुअलाइज़ेशन के माध्यम से अंतर्दृष्टि प्राप्त करने की प्रक्रिया है।
- —मशीन लर्निंग मॉडल बनाने के लिए 11-चरणीय प्रक्रिया का पालन किया जाता है, जिसमें समस्या की परिभाषा, डेटा संग्रह, EDA, डेटा क्लीनिंग, और फीचर इंजीनियरिंग जैसे प्रारंभिक चरण महत्वपूर्ण होते हैं।
- —डेटा क्लीनिंग में गुम हुए मानों को संभालना (मीन/मीडियन/मोड से भरना), डुप्लिकेट हटाना, डेटा प्रकारों को ठीक करना और आउटलायर्स को पहचानना शामिल है, जो वास्तविक दुनिया के ML प्रोजेक्ट्स का 80% काम होता है।
- —डेटा प्री-प्रोसेसिंग में मशीन लर्निंग मॉडल के लिए डेटा को उपयोग योग्य प्रारूप में बदलना शामिल है, जिसमें कैटेगोरिकल वेरिएबल्स को एनकोड करना (लेबल या वन-हॉट एनकोडिंग) और न्यूमेरिकल वैल्यूज को एक ही स्केल पर लाना (फीचर स्केलिंग) शामिल है।
- —फीचर इंजीनियरिंग में नए फीचर्स बनाना या मौजूदा फीचर्स को बदलना शामिल है ताकि मॉडल बेहतर पैटर्न सीख सकें, जबकि फीचर सिलेक्शन में सबसे उपयोगी फीचर्स का चयन करके मॉडल की सटीकता और प्रशिक्षण गति में सुधार किया जाता है।
- —वीडियो में "insurance.csv" और "heart.csv" डेटासेट पर EDA, डेटा क्लीनिंग, डेटा प्री-प्रोसेसिंग, फीचर इंजीनियरिंग और फीचर सिलेक्शन का विस्तृत व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया है, जिसमें डेटा में गलत प्रविष्टियों को ठीक करना भी शामिल है।
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