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SMART MONEY IS LEAVING, इसी लिए Nirmala Sitaram is Leaving Too | CWSJ-3458 | Sumeet Jain

By Coffee With Sumeet Jain · more summaries from this channel

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Summary

यह वीडियो बताता है कि भारतीय पब्लिक सेक्टर बैंकों के शेयरों में मौजूदा उछाल एक खतरनाक भ्रम है, जो भू-राजनीतिक घटनाओं और बॉन्ड मार्केट में अस्थायी लाभ के कारण है, न कि उनके वास्तविक बैंकिंग प्रदर्शन के कारण, और जल्द ही इसमें भारी गिरावट आने वाली है।

Key Points

  • भारतीय पब्लिक सेक्टर बैंकों के शेयरों में वर्तमान वृद्धि एक खतरनाक भ्रम है, जो उनके मुख्य बैंकिंग व्यवसाय से नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक कारकों से प्रेरित है। 
  • फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण, वैश्विक पूंजी को रूस और चीन से बाहर एक सुरक्षित निवेश गंतव्य की तलाश थी। 
  • चीन में एवरग्रांडे संकट और राजनीतिक कार्रवाई ने उसे निवेश के लिए अनुपयुक्त बना दिया, जिससे भारत एक आकर्षक विकल्प के रूप में उभरा। 
  • जेपी मॉर्गन और ब्लूमबर्ग जैसे संस्थानों द्वारा भारतीय सरकारी बॉन्ड को वैश्विक सूचकांकों में शामिल करने से भारत में अरबों डॉलर का विदेशी निवेश आया। 
  • इस भारी विदेशी मांग के कारण भारतीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड में गिरावट आई और उनकी कीमतें आसमान छू गईं, जिससे बैंकों को 'पेपर प्रॉफिट' हुआ। 
  • भारतीय पब्लिक सेक्टर बैंक वैधानिक तरलता अनुपात (SLR) के तहत बड़ी मात्रा में सरकारी बॉन्ड रखते हैं, और इन बॉन्डों की कीमतों में वृद्धि से उनकी कमाई कृत्रिम रूप से बढ़ गई। 
  • खुदरा निवेशकों को ऊँची कीमतों पर शेयर खरीदने से बचना चाहिए, क्योंकि स्मार्ट मनी बाहर निकल जाएगा और शेयरों की कीमतों में भारी गिरावट आएगी। 
  • यह 'ट्रेजरी प्रॉफिट इंजन' अब समाप्त हो रहा है क्योंकि बॉन्ड यील्ड और अधिक नहीं गिर सकतीं और सूचकांकों में अधिकतम निवेश सीमा तक पहुँच चुकी है। 
  • बैंकों का मुख्य व्यवसाय (ऋण देना) कमजोर हो रहा है, असुरक्षित ऋणों में वृद्धि और जमा दरों को सुरक्षित करने में कठिनाई के कारण उनकी परिचालन कमजोरियां उजागर होंगी। 
  • आगामी तिमाहियों में, विशेष रूप से दूसरी तिमाही में, ट्रेजरी लाभ के गायब होने और कमजोर ऋण वृद्धि के कारण पब्लिक सेक्टर बैंकों की कमाई में भारी गिरावट आएगी। 
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SMART MONEY IS LEAVING, इसी लिए Nirmala Sitaram is Leaving Too | CWSJ-3458 | Sumeet Jain

SMART MONEY IS LEAVING, इसी लिए Nirmala Sitaram is Leaving Too | CWSJ-3458 | Sumeet Jain

यह वीडियो बताता है कि भारतीय पब्लिक सेक्टर बैंकों के शेयरों में मौजूदा उछाल एक खतरनाक भ्रम है, जो भू-राजनीतिक घटनाओं और बॉन्ड मार्केट में अस्थायी लाभ के कारण है, न कि उनके वास्तविक बैंकिंग प्रदर्शन के कारण, और जल्द ही इसमें भारी गिरावट आने वाली है।

Key Points

भारतीय पब्लिक सेक्टर बैंकों के शेयरों में वर्तमान वृद्धि एक खतरनाक भ्रम है, जो उनके मुख्य बैंकिंग व्यवसाय से नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक कारकों से प्रेरित है।
फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण, वैश्विक पूंजी को रूस और चीन से बाहर एक सुरक्षित निवेश गंतव्य की तलाश थी।
चीन में एवरग्रांडे संकट और राजनीतिक कार्रवाई ने उसे निवेश के लिए अनुपयुक्त बना दिया, जिससे भारत एक आकर्षक विकल्प के रूप में उभरा।
जेपी मॉर्गन और ब्लूमबर्ग जैसे संस्थानों द्वारा भारतीय सरकारी बॉन्ड को वैश्विक सूचकांकों में शामिल करने से भारत में अरबों डॉलर का विदेशी निवेश आया।
इस भारी विदेशी मांग के कारण भारतीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड में गिरावट आई और उनकी कीमतें आसमान छू गईं, जिससे बैंकों को 'पेपर प्रॉफिट' हुआ।
भारतीय पब्लिक सेक्टर बैंक वैधानिक तरलता अनुपात (SLR) के तहत बड़ी मात्रा में सरकारी बॉन्ड रखते हैं, और इन बॉन्डों की कीमतों में वृद्धि से उनकी कमाई कृत्रिम रूप से बढ़ गई।
खुदरा निवेशकों को ऊँची कीमतों पर शेयर खरीदने से बचना चाहिए, क्योंकि स्मार्ट मनी बाहर निकल जाएगा और शेयरों की कीमतों में भारी गिरावट आएगी।
यह 'ट्रेजरी प्रॉफिट इंजन' अब समाप्त हो रहा है क्योंकि बॉन्ड यील्ड और अधिक नहीं गिर सकतीं और सूचकांकों में अधिकतम निवेश सीमा तक पहुँच चुकी है।
बैंकों का मुख्य व्यवसाय (ऋण देना) कमजोर हो रहा है, असुरक्षित ऋणों में वृद्धि और जमा दरों को सुरक्षित करने में कठिनाई के कारण उनकी परिचालन कमजोरियां उजागर होंगी।
आगामी तिमाहियों में, विशेष रूप से दूसरी तिमाही में, ट्रेजरी लाभ के गायब होने और कमजोर ऋण वृद्धि के कारण पब्लिक सेक्टर बैंकों की कमाई में भारी गिरावट आएगी।
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