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Learn Trading with Renko charts (Hindi) | Definedge | Noiseless Charts

By Definedge

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This is an AI-generated summary of “Learn Trading with Renko charts (Hindi) | Definedge | Noiseless Charts” — a 32 min YouTube video by Definedge, published July 19, 2022. It condenses the full transcript into 10 key takeaways with clickable timestamps.

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Summary

यह वीडियो रेनको चार्ट्स की मूल बातें, उनके निर्माण, लॉग-आधारित ब्रिक वैल्यू के महत्व, उपयुक्त टाइमफ्रेम, नॉइज़ हटाने की क्षमता, और स्विंग ब्रेकआउट, एक्सटेंशन तथा मूविंग एवरेज व सुपरट्रेंड जैसे इंडिकेटर्स का उपयोग करके ट्रेडिंग रणनीतियों को विस्तार से समझाता है।

Key Points

  • रेनको चार्ट्स एक पुरानी जापानी विधि है जो बार या कैंडलस्टिक चार्ट से भिन्न होती है, क्योंकि यह समय के बजाय केवल मूल्य गति पर आधारित होती है। 
  • एक रेनको ब्रिक तभी बनता है जब मूल्य एक पूर्वनिर्धारित 'ब्रिक साइज' (जैसे 5 पॉइंट) से ऊपर या नीचे जाता है, और ये ब्रिक्स एक श्रृंखला में जुड़ते हैं। 
  • प्रत्येक ब्रिक में दो मूल्य होते हैं - ओपन (पिछला मूल्य) और क्लोज (वर्तमान मूल्य) - जो पुलिस ब्रिक में ऊपर की ओर और बेयरिश ब्रिक में नीचे की ओर प्लॉट होते हैं। 
  • ब्रिक वैल्यू सेट करने के तीन पारंपरिक तरीके हैं: एब्सोल्यूट, एटीआर (एवरेज ट्रू रेंज), और लॉग-आधारित प्रतिशत; लॉग-आधारित प्रतिशत (जैसे 1%) सबसे अनुशंसित है क्योंकि यह चार्ट को रीपेंट होने से बचाता है। 
  • रेनको चार्ट्स पर टाइमफ्रेम के बजाय ब्रिक वैल्यू को समायोजित करके बड़े या छोटे पिक्चर को देखा जाता है, और डेली या 1-मिनट टाइमफ्रेम का उपयोग करने की सलाह दी जाती है ताकि चार्ट रीपेंटिंग से बचा जा सके। 
  • रेनको चार्ट्स मूल्य डेटा से "नॉइज़" (छोटे उतार-चढ़ाव या साइडवेज मूवमेंट) को हटाकर स्पष्ट ट्रेंड दिखाते हैं, जिससे वे "नॉइज़लेस चार्ट" कहलाते हैं। 
  • रेनको चार्ट्स पर स्विंग ब्रेकआउट एक महत्वपूर्ण पैटर्न है, जहाँ मूल्य एक बुलिश स्विंग के हाई या बेयरिश स्विंग के लो को तोड़ता है, और इन ब्रेकआउट लेवल्स को पहले से जाना जा सकता है। 
  • ट्रेडिंग के लिए, मूविंग एवरेज (40-ब्रिक EMA) और सुपरट्रेंड जैसे इंडिकेटर्स को रेनको चार्ट्स पर प्लॉट किया जा सकता है ताकि ट्रेंड की पहचान की जा सके। 
  • MAST (मूविंग एवरेज सुपरट्रेंड) इंडिकेटर, जो मूविंग एवरेज और सुपरट्रेंड का एक संयोजन है, रेनको चार्ट्स पर ट्रेंड और संभावित ट्रेडिंग अवसरों को पहचानने के लिए एक उत्कृष्ट सेटअप प्रदान करता है। 
  • एक्सटेंशन लेवल्स को स्विंग ब्रेकआउट के बाद प्लॉट किया जा सकता है, जो संभावित लक्ष्य या आगे के महत्वपूर्ण मूल्य स्तरों को इंगित करते हैं। 
Learn Trading with Renko charts (Hindi) | Definedge | Noiseless Charts

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यह वीडियो रेनको चार्ट्स की मूल बातें, उनके निर्माण, लॉग-आधारित ब्रिक वैल्यू के महत्व, उपयुक्त टाइमफ्रेम, नॉइज़ हटाने की क्षमता, और स्विंग ब्रेकआउट, एक्सटेंशन तथा मूविंग एवरेज व सुपरट्रेंड जैसे इंडिकेटर्स का उपयोग करके ट्रेडिंग रणनीतियों को विस्तार से समझाता है।

Key Points

—रेनको चार्ट्स एक पुरानी जापानी विधि है जो बार या कैंडलस्टिक चार्ट से भिन्न होती है, क्योंकि यह समय के बजाय केवल मूल्य गति पर आधारित होती है।
—एक रेनको ब्रिक तभी बनता है जब मूल्य एक पूर्वनिर्धारित 'ब्रिक साइज' (जैसे 5 पॉइंट) से ऊपर या नीचे जाता है, और ये ब्रिक्स एक श्रृंखला में जुड़ते हैं।
—प्रत्येक ब्रिक में दो मूल्य होते हैं - ओपन (पिछला मूल्य) और क्लोज (वर्तमान मूल्य) - जो पुलिस ब्रिक में ऊपर की ओर और बेयरिश ब्रिक में नीचे की ओर प्लॉट होते हैं।
—ब्रिक वैल्यू सेट करने के तीन पारंपरिक तरीके हैं: एब्सोल्यूट, एटीआर (एवरेज ट्रू रेंज), और लॉग-आधारित प्रतिशत; लॉग-आधारित प्रतिशत (जैसे 1%) सबसे अनुशंसित है क्योंकि यह चार्ट को रीपेंट होने से बचाता है।
—रेनको चार्ट्स पर टाइमफ्रेम के बजाय ब्रिक वैल्यू को समायोजित करके बड़े या छोटे पिक्चर को देखा जाता है, और डेली या 1-मिनट टाइमफ्रेम का उपयोग करने की सलाह दी जाती है ताकि चार्ट रीपेंटिंग से बचा जा सके।
—रेनको चार्ट्स मूल्य डेटा से "नॉइज़" (छोटे उतार-चढ़ाव या साइडवेज मूवमेंट) को हटाकर स्पष्ट ट्रेंड दिखाते हैं, जिससे वे "नॉइज़लेस चार्ट" कहलाते हैं।
—रेनको चार्ट्स पर स्विंग ब्रेकआउट एक महत्वपूर्ण पैटर्न है, जहाँ मूल्य एक बुलिश स्विंग के हाई या बेयरिश स्विंग के लो को तोड़ता है, और इन ब्रेकआउट लेवल्स को पहले से जाना जा सकता है।
—ट्रेडिंग के लिए, मूविंग एवरेज (40-ब्रिक EMA) और सुपरट्रेंड जैसे इंडिकेटर्स को रेनको चार्ट्स पर प्लॉट किया जा सकता है ताकि ट्रेंड की पहचान की जा सके।
—MAST (मूविंग एवरेज सुपरट्रेंड) इंडिकेटर, जो मूविंग एवरेज और सुपरट्रेंड का एक संयोजन है, रेनको चार्ट्स पर ट्रेंड और संभावित ट्रेडिंग अवसरों को पहचानने के लिए एक उत्कृष्ट सेटअप प्रदान करता है।
—एक्सटेंशन लेवल्स को स्विंग ब्रेकआउट के बाद प्लॉट किया जा सकता है, जो संभावित लक्ष्य या आगे के महत्वपूर्ण मूल्य स्तरों को इंगित करते हैं।
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