Skip to content

CA Inter Law: Accounts of Companies | CA Inter Sept 26/Jan 27 | CA Gurpreet Singh

By CA Inter by VC Gurukul

40 min video·hi··1231 views

This is an AI-generated summary of CA Inter Law: Accounts of Companies | CA Inter Sept 26/Jan 27 | CA Gurpreet Singh — a 40 min YouTube video by CA Inter by VC Gurukul, published July 16, 2026. It condenses the full transcript into 9 key takeaways with clickable timestamps.

Summary

यह वीडियो कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत कंपनियों के खातों से संबंधित विभिन्न प्रावधानों, जैसे कि बही-खातों का स्थान, वित्तीय विवरणों पर हस्ताक्षर, सीएसआर दायित्व, आंतरिक लेखा परीक्षक की नियुक्ति, और वित्तीय विवरणों को दाखिल करने व संशोधित करने की प्रक्रियाओं पर विस्तृत चर्चा और प्रश्नों का समाधान प्रस्तुत करता है।

Key Points

  • कंपनी के बही-खाते पंजीकृत कार्यालय के अलावा भारत में किसी अन्य स्थान पर रखे जा सकते हैं, बशर्ते बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स निर्णय के 7 दिनों के भीतर रजिस्ट्रार को लिखित सूचना दें, और ये खाते हमेशा भारत में सुलभ होने चाहिए। 
  • वित्तीय विवरणों पर कम से कम दो निदेशकों (यदि लागू हो तो एक प्रबंध निदेशक सहित) और यदि कंपनी सचिव नियुक्त है तो उसके भी हस्ताक्षर होने चाहिए, तथा कंपनी अधिनियम के तहत केवल डबल एंट्री अकाउंटिंग सिस्टम ही अनुमत है। 
  • कंपनियों को पिछले तीन वित्तीय वर्षों के औसत शुद्ध लाभ (कर-पूर्व) के 2% के बराबर सीएसआर व्यय करना होता है; यदि यह व्यय 50 लाख रुपये से कम है, तो सीएसआर समिति बनाना अनिवार्य नहीं है, और प्रभाव आकलन केवल कुछ विशिष्ट सीएसआर परियोजनाओं के लिए आवश्यक है। 
  • कुछ सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के लिए आंतरिक लेखा परीक्षक की नियुक्ति अनिवार्य है, जिसके मानदंड प्रदत्त शेयर पूंजी, टर्नओवर, बकाया ऋण या जमा पर आधारित होते हैं, और यह लेखा परीक्षक एक सीए, लागत लेखाकार या अन्य पेशेवर हो सकता है। 
  • वित्तीय विवरणों को आरओसी के पास दाखिल करते समय, यदि एजीएम में खाते अनुमोदित नहीं हुए हैं, तो मूल एजीएम की अंतिम तिथि के 30 दिनों के भीतर अनअडॉप्टेड (अनमोदित) वित्तीय विवरणों को अनंतिम रूप से दाखिल करना अनिवार्य है। 
  • कंपनी अधिनियम की धारा 131 के तहत, कंपनी पिछले तीन वित्तीय वर्षों के वित्तीय विवरणों को एनसीएलटी की अनुमति से स्वेच्छा से संशोधित कर सकती है, जबकि खातों को फिर से खोलने का आदेश 8 साल तक के लिए दिया जा सकता है। 
  • एक निदेशक कंपनी के बही-खातों और मिनट बुक्स का स्वयं निरीक्षण कर सकता है, लेकिन वह किसी एजेंट को अपनी ओर से निरीक्षण करने के लिए अधिकृत नहीं कर सकता। 
  • लेखांकन सॉफ्टवेयर में ऑडिट ट्रेल सुविधा होनी चाहिए जिसे अक्षम न किया जा सके, प्रत्येक लेनदेन के लिए एडिट लॉग बनाए रखा जाना चाहिए, और बही-खातों का दैनिक बैकअप भारत में भौतिक सर्वर पर भी रखा जाना चाहिए। 
  • नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (एनएफआरए) लेखांकन और ऑडिटिंग मानकों की निगरानी, अनुपालन सुनिश्चित करने और पेशेवर कदाचार की जांच करने के लिए जिम्मेदार है, जिसमें दोषी व्यक्तियों या फर्मों पर जुर्माना लगाना और उन्हें अभ्यास से वंचित करना शामिल है। 
CA Inter Law: Accounts of Companies | CA Inter Sept 26/Jan 27 | CA Gurpreet Singh

CA Inter Law: Accounts of Companies | CA Inter Sept 26/Jan 27 | CA Gurpreet Singh

यह वीडियो कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत कंपनियों के खातों से संबंधित विभिन्न प्रावधानों, जैसे कि बही-खातों का स्थान, वित्तीय विवरणों पर हस्ताक्षर, सीएसआर दायित्व, आंतरिक लेखा परीक्षक की नियुक्ति, और वित्तीय विवरणों को दाखिल करने व संशोधित करने की प्रक्रियाओं पर विस्तृत चर्चा और प्रश्नों का समाधान प्रस्तुत करता है।

Key Points

कंपनी के बही-खाते पंजीकृत कार्यालय के अलावा भारत में किसी अन्य स्थान पर रखे जा सकते हैं, बशर्ते बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स निर्णय के 7 दिनों के भीतर रजिस्ट्रार को लिखित सूचना दें, और ये खाते हमेशा भारत में सुलभ होने चाहिए।
वित्तीय विवरणों पर कम से कम दो निदेशकों (यदि लागू हो तो एक प्रबंध निदेशक सहित) और यदि कंपनी सचिव नियुक्त है तो उसके भी हस्ताक्षर होने चाहिए, तथा कंपनी अधिनियम के तहत केवल डबल एंट्री अकाउंटिंग सिस्टम ही अनुमत है।
कंपनियों को पिछले तीन वित्तीय वर्षों के औसत शुद्ध लाभ (कर-पूर्व) के 2% के बराबर सीएसआर व्यय करना होता है; यदि यह व्यय 50 लाख रुपये से कम है, तो सीएसआर समिति बनाना अनिवार्य नहीं है, और प्रभाव आकलन केवल कुछ विशिष्ट सीएसआर परियोजनाओं के लिए आवश्यक है।
कुछ सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के लिए आंतरिक लेखा परीक्षक की नियुक्ति अनिवार्य है, जिसके मानदंड प्रदत्त शेयर पूंजी, टर्नओवर, बकाया ऋण या जमा पर आधारित होते हैं, और यह लेखा परीक्षक एक सीए, लागत लेखाकार या अन्य पेशेवर हो सकता है।
वित्तीय विवरणों को आरओसी के पास दाखिल करते समय, यदि एजीएम में खाते अनुमोदित नहीं हुए हैं, तो मूल एजीएम की अंतिम तिथि के 30 दिनों के भीतर अनअडॉप्टेड (अनमोदित) वित्तीय विवरणों को अनंतिम रूप से दाखिल करना अनिवार्य है।
कंपनी अधिनियम की धारा 131 के तहत, कंपनी पिछले तीन वित्तीय वर्षों के वित्तीय विवरणों को एनसीएलटी की अनुमति से स्वेच्छा से संशोधित कर सकती है, जबकि खातों को फिर से खोलने का आदेश 8 साल तक के लिए दिया जा सकता है।
एक निदेशक कंपनी के बही-खातों और मिनट बुक्स का स्वयं निरीक्षण कर सकता है, लेकिन वह किसी एजेंट को अपनी ओर से निरीक्षण करने के लिए अधिकृत नहीं कर सकता।
लेखांकन सॉफ्टवेयर में ऑडिट ट्रेल सुविधा होनी चाहिए जिसे अक्षम न किया जा सके, प्रत्येक लेनदेन के लिए एडिट लॉग बनाए रखा जाना चाहिए, और बही-खातों का दैनिक बैकअप भारत में भौतिक सर्वर पर भी रखा जाना चाहिए।
नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (एनएफआरए) लेखांकन और ऑडिटिंग मानकों की निगरानी, अनुपालन सुनिश्चित करने और पेशेवर कदाचार की जांच करने के लिए जिम्मेदार है, जिसमें दोषी व्यक्तियों या फर्मों पर जुर्माना लगाना और उन्हें अभ्यास से वंचित करना शामिल है।
Summarize any video — free
Summarizer.tube
Copy All
Share Link
Bookmark

Summarize any YouTube video, free

You just read an AI summary of this video. Paste any other YouTube link and get the key points with clickable timestamps in seconds — no signup, 5 free a day.

More Resources

More Summaries

10 min

Hidden AI SKILL to Earn Money Online in 2026

The Social Brainshi

यह वीडियो बताता है कि कैसे AI का उपयोग केवल मनोरंजन के बजाय एक शक्तिशाली उपकरण के रूप में करके लोग अपनी पहली कमाई कर सकते हैं और व्यवसाय खड़ा कर सकते हैं, साथ ही इसके लिए व्यावहारिक उदाहरण और एक संरचि

19 min

Express Middleware

Piyush Garghi

यह वीडियो एक्सप्रेस मिडिलवेयर की अवधारणा को गहराई से समझाता है, जिसमें बताया गया है कि यह अनुरोध-प्रतिक्रिया चक्र में कैसे काम करता है, अनुरोध और प्रतिक्रिया वस्तुओं को कैसे संशोधित कर सकता है, और अनु

8 min

Introduction and Characteristics of Islamic Society | Islamic Studies | ISL202_Topic099

Virtual University of Pakistanhi

इस्लामी मुआशरा ऐसा समाज है जो इस्लामी अकीदों और नज़रियात पर कायम होता है, जहाँ इंसानी इज्जत, तकवा, एहसान, रवादारी, हया और नेकी के कामों में बाहमी इमदाद जैसे उसूलों को तरजीह दी जाती है।

2 hr 1 min

Complex Numbers Class 11 One Shot | NCERT 11th Maths Chapter-4 Revision | CBSE 2026-27 Exam

Next Toppers - 11th Sciencehi

यह वीडियो कक्षा 11वीं के जटिल संख्याओं (कॉम्प्लेक्स नंबर्स) के अध्याय का एक विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है, जिसमें आयोडा की अवधारणा, जटिल संख्याओं के बीजगणित, संयुग्मी, मापांक, आर्गंड तल पर निरूपण,

58 min

Key Elements of Democratic Government FULL CHAPTER | Class 6 Polity Chapter 4 | UPSC Preparation 🚀

PW OnlyIAS Prarambhhi

यह वीडियो लोकतांत्रिक सरकार के प्रमुख तत्वों जैसे लोगों की भागीदारी, विवादों का समाधान और समानता व न्याय को विस्तार से समझाता है, जिसमें दक्षिण अफ्रीका और भारत के उदाहरणों का उपयोग किया गया है।